आजाद भारत से कई साल पहले यानि सन 1918 में ही पंडित सुंदरलाल शर्मा जी, एक पृथक राज्य छत्तीसगढ़ की कल्पना कर चुके थे और इसके बाद से ही नए राज्य ‘छत्तीसगढ़’ की मांग, जो है जोर पकड़ने लगी थी| 1924 में पहला प्रस्ताव रायपुर जिला परिषद् की बैठक में लाया गया | 1939 में कांग्रेस की त्रिपुरी अधिवेशन में छत्तीसगढ़ की मांग रखी गयी…

पदम् पुरुष्कार आईये जानते है छत्तीसगढ़ के उन महान हस्तियों के बारे में जिन्हे भारत सरकार द्वारा पद्म पुरुष्कार से सम्मानित किया गया है – श्री हबीब तनवीर – पद्मश्री -1983 पद्मभूषण -2002 हबीब तनवीर जी छत्तीसगढ़ के प्रमुख रंगकर्मी रहे है और राज्यसभा के सदस्य भी रहे है। इन्होने 1954 में “हिंदुस्तान थियेटर” की स्थापना की और 1959 में “नया थियेटर” स्थापित किया था। चरणदास चोर, आगरा बाजार,माटी की गाड़ी आदि का…

     लोकनृत्य यंहा “लोक” का आशय छत्तीसगढ़ की जनता से है, और “नृत्य” का आशय जनता के द्वारा की जाने वाली पारम्परिक डांस है। यह प्रदेश लोकनृत्यो की दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यंहा की जनजातियों द्वारा की जाने वाले लोकनृत्य विश्व प्रशिद्ध है। आइए जानते है छत्तीसगढ़ के प्रमुख नृत्यों के बारे में – सुआ नृत्य – यह नृत्य छत्तीसगढ़ का सबसे लोकप्रिय…

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस हिंदी में दोस्तों आईये जानते है राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवसों के बारे में जो परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण  है – जनवरी माह के प्रमुख इवेंट लुईस ब्रेल दिवस – 4 जनवरी विश्व हास्य दिवस -10 जनवरी राष्ट्रीय युवा दिवस – 12 जनवरी थल सेना दिवस – 15 जनवरी   भारत पर्यटन दिवस -25 जनवरी गणत्रंत दिवस -26 जनवरी अंतर्राष्ट्रीय सीमा शुल्क एवं उत्पाद दिवस-…

स्वामी विवेकानन्द स्वामी विवेकानन्द का वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। उन्हें प्रमुख रूप से उनके भाषण की शुरुआत “मेरे अमरीकी भाइयो एवं बहनों” के साथ करने के लिये जाना जाता है। अनमोल विचार उठो,…