छत्तीसगढ़ी आभूषण

October 16, 2018

छत्तीसगढ़ी आभूषण

छत्तीसगढ़ की अपनी अलग वेशभूषा है जो पुरे विश्व में अपना एक अलग पहचान बनाती है। छत्तीसगढ़ के महिलाओं द्वारा पहनी जानी वाली आभूषण दिखने में आकर्षक लगते है। आईये इस आर्टिकल के माध्यम से छत्तीसगढ़ के गहने या आभूषणों के बारे में जानने की कोशिश करते है –

हाथो में पहनी जानी वाली आभूषण-

नागमोरी- यह चांदी का बना आभूषण है। जिसे दोनों हाथो के बाहो पर पहना जाता है। इसकी बनावट सर्पाकार होती है जिसके कारण इसे नागमोरी कहते है।

ऐंठी- ऐंठी को हाथ की कलाई में पहना जाता है। इसे आम भाषा में कंगन कहते है। यह चांदी से बना होता है।

पटा- पटा को चूडियो के बीच-बीच में पहना जाता है। इसे सादगी का प्रतिक माना जाता है।

ककनी- इसे चूडियो के साथ हाथो में पहना जाता है। जो दिखने में नुकूली होती है।

पहुंची, मुंदरी, बहुँटा, चुरी भी हाथ में पहने जाने वाली आभूषण है।

पैरो में पहनी जानी वाली आभूषण-

लच्छा- यह पैर में पहने जानी वाली आभूषण है जिसे हम आम भाषा में पायल कहते है। इसे प्रायः चांदी से बनाया जाता है।

टोडा- इसे पावो में पहना जाता है। यह काफी वजनदार होता है। जो महिला जितना वजनदार टोडा पहनती है उसे उतना ही संम्पन्न माना जाता है।

पैजन- यह पैरो में पहनी जानी वाली आभूषण है। यह आमतौर पर छत्तीसगढ़ के कुवांरी कन्याए पहनती है।

बिछिया- इसे पावो की उंगलियों में पहना जाता है। प्रायः विवाह होने के बाद लगभग हर महिलाये इसे पहनती है।

साटी- इसे पैरो में पहना जाता है। यह चाँदी का बना होता है।

गले में पहनने वाला आभूषण-

पुतरी- पुतरी का अर्थ गुड़िया होता है। तात्पर्य यह है की पुतरी पहनने के बाद महिलाये गुड़िया की तरह दिखने लगती है। इसे सिक्के को एक धागा में पिरो कर बनाया जाता है। इसे गले में पहना जाता है।

सुता- सुता को गला में पहना जाता है। यह चांदी का बना होता है।

सुर्रा- सुर्रा की आकृति गोल होती है। इसको गले में पहना जाता है।

ताबीज, ढोलकी, धार, तितली आदि भी गले में पहने जाने वाली आभूषण है।

कमर में पहने जानी वाली आभूषण-

करधन- करधन को कमर में पहना जाता है। यह दिखने में बहुत आकर्षक होता है।  करधन चांदी का बना होता है।

कान में पहने जानी वाली आभूषण-

ढार- इसे कान में पहना जाता है। यह प्रायः सोने का बना होता है। वैसे इसे चांदी का भी बनाया जाता है।

खिनवा- इसे कान में पहना जाता है।झुमका प्रायः सोने और चाँदी का बना होता है।

गजरा, बेनीफुल, टिकली, गोदना, मांगमोती आदि भी कान में पहने जाने वाली आभूषण है।

नाक में पहने जानी वाली आभूषण-

नकबेसर- इसे नाक में पहने है। यह प्रायः सोने से बने होते है। इसे फुल्ली भी कहते है।

खेनवा भी नाक में पहने जाने वाली आभूषण है।

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