व्यक्तित्व परिचय

October 26, 2018

|व्यक्तित्व परिचय / स्वतंत्रता सेनानी |

आईये इस आर्टिकल के माध्यम से जानते है छत्तीसगढ़ के उन महान हस्तियों के बारे में जिन्होंने छत्तीसगढ़ के माटी के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। इन्होने सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक सभी क्षेत्रों में अपनी पूर्णरूप से भूमिका निभाई -cg ki mahan hastiya

शहीद वीरनारायण सिंह

जन्म- 1795 ( सोनाखान)

मृत्यु – 10 दिसम्बर 1857

पिता- श्री रामसाय बिंझवार

शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ स्वतंत्र समाज के प्रथम शहीद माने जाते है। सन 1856 में बलौदाबाजार सोनाखान में भीषण अकाल पड़ा था, हजारो लोग भुखमरी के शिकार हो गए थे। सोनाखान के जमींदार वीरनारायण सिंह ने अनाज से भरी गोदाम को भूखे लोगो में बाँट दी तथा इस बात की सुचना तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर को भी दी। परन्तु शासकीय बयान में डिप्टी कलेक्टर ने अपनी बात घुमा फिर के रख दी और अक्टूबर 1956 को वीरनारायण को जेल भेज दिया गया।

अगस्त 1956 में तीसरी पदैल सेना की मदद से वीरनारायण सिंह जेल से भागने में सफल हुए। परन्तु नवंबर 1956 में पुनः गिरफ्तार हुए और उसके उप्पेर राजद्रोह का आरोप लगाकर फांसी दे दी गयी।

आदिवासी उत्थान राजकीय पुरुष्कार इनके नाम से दिया जाता है।

वर्त्तमान में इन्ही के नाम पर शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाया गया है।

डॉ. खूबचंद बघेल

जन्म –19 जुलाई 1990 पथरी(रायपुर)

मृत्यु – 22 फरवरी 1969

पिता – श्री जुड़ावन प्रसाद

माता – केकती बाई

प्रमुख कार्य

1951 – कांग्रेस पार्टी से किसान मजदुर पार्टी में शामिल।
1956 – राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ महासभा की स्थापना।
1962-65 – रायपुर के विधायक। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा में निर्वाचित होने वाले पहले सांसद थे।
1967 – राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ भातृसंघ का गठन।
डॉ. खूबचंद के सम्मान में शासन द्वारा प्रतिवर्ष कृषि के क्षेत्र में शिखर सम्मान दिया जाता है।

ठाकुर प्यारेलाल सिंह

जन्म – 21 दिसम्बर 1891 दैहान (राजनांदगांव)

मृत्यु – 20 अक्टूबर 1945

पिता – श्री दीनदयाल सिंह

माता – नर्मदा देवी

प्रमुख कार्य

1909  – सरस्वती पुस्तकालय की स्थापना।

1920  – राजनांदगांव मजदूरों के साथ मिलकर आंदोलन का नेतृत्व किया।
– असहयोग आंदोलन में भाग लिया।

1930  –  छ.ग. में पहला महाविद्यालय का निर्माण।
– पट्टा मत लो आंदोलन का नेतृत्व किया।

1937 – छ.ग. में एजुकेशन सोसायटी की स्थापना।
– छत्तीसगढ़ कालेज शरू करवाया।

1950 – भू-दान आंदोलन का नेतृत्व किया।

पंडित सुन्दर लाल शर्मा

जन्म – 21 दिसम्बर 1881 चमसुर (राजिम)

मृत्यु  – 28 दिसम्बर 1940

पिता – जियालाल तिवारी

माता – देववती

सन 1905 से ही पंडित सुन्दर लाल छत्तीसगढ़ के राजनीति से जुड़ चुके थे। पंडित सुन्दर लाल शर्मा छत्तीसगढ़ के गाँधी के नाम से प्रसिध्द है।

प्रमुख कार्य

1906 – समित्र मंडल की स्थापना समाज सुधार एवं राष्ट्रीय भावना की जागृति के लिए।
1907 – सूरत अधिवेशन में छत्तीसगढ़ से नेतृत्व
1910 – खादी आश्रम की स्थापना। (स्वदेशी चिजो के प्रचार के लिए )।
1920 – पंडित जी आग्रह पर गाँधी जी छत्तीसगढ़ आये।
1922 – कंडेल नहर सत्याग्रह का नेतृत्व।
1925 – दलितों समाज के लिए दलितों का मदिर में प्रवेश का आंदोलन।

रचनाये – दानलीला,भजनमाला, सतनामी, प्रह्लाद चरित्र, आदि।

पंडित रविशंकर शुक्ल

जन्म – 2 अगस्त

मृत्यु – 31 दिसम्बर 1956

पिता – श्री जगन्नाथ प्रसाद

माता – भवानी देवी

प्रमुख कार्य

1920 – कोलकाता कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया और असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया।
1921 – राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना।
1922 – हिंदी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता।
1924 – विधानसभा के सदस्य निर्वाचित।
1927-36 – रायपुर जिला परिसद के अध्यक्ष।
– सविनय अवज्ञा आंदोलन का नेतृत्व छ.ग. में किया।
1936 – विधानसभा चुनाव में जीते और शिक्षा मंत्री चुने गए।
1938 – मुख्यमंत्री बने।
1942 – भारत छोडो आंदोलन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ में किया।

भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना का श्रेय पंडित रविशंकर शुक्ल को ही जाता है।

 

गुरु घासीदास (1756 – 1836 )

बचपन का नाम – घसिया / गंगाराम

जन्म – 18 दिसंबर 1756

स्थान- गिरौदपुरी बलोदाबाजार

पिता – महंगुदास

माता – सुफराबाई

पुत्र – अमरदास

गुरु का नाम- जगजीवन राम

ज्ञान की प्राप्ति- आवंरा धावंडा पेड़ के निचे

नोट-
१.  छत्तीसगढ़ में सतनाम पंथ के संस्थापक।
२.छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा दलित उत्थान के लिए गुरु घासीदास पुरुष्कार दिया जाता है।

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