छत्तीसगढ़ की लोकगीत 

October 16, 2018

छत्तीसगढ़ की लोकगीत 

पण्डवानी

छत्तीसगढ़ की सबसे लोकप्रिय लोकगीत पण्डवानी है। पण्डवानी में महाभारत की पांड्यो की कहानी को छत्तीसगढ़ी में गीतमय तरीके से लोगो के सामने से प्रस्तुत करते है। पण्डवानी की दो शाखाये वेदमती और कापालिक है।

वेदमती शाखा में जब पण्डवानी प्रस्तुत की जाती है तब इसके समहू में बैठे एक व्यक्ति प्रमुख गायक होता है, जो तम्बूरा और करतल बजाते हुुए पंडवानी सुनाता है। एक रागी भी होता है जो हुंकार भरने का काम करता है। साथ में तबला, हारमोनियम करतल आदि वाद्य यंत्र बजाने वाले अन्य कलाकार भी होते है।

समय के साथ इसके गायन शैली में परिवर्तन हुए है –

  1. पहली शैली में गायक खड़ा होकर अभिनय करते हुए पण्डवनी प्रस्तुत करता है।
  2. दूसरी शैली में गायक अपने घुटनो के बल बैठकर अभिनय करते हुए पण्डवानी प्रस्तुत करता है।
  3. तीसरी शैली में गायक चलते फिरते हुए पण्डवानी प्रस्तुत करता है। इस शैली के प्रमुख गायक है -तीजनबाई, रेवाराम साहू, स्व. झाडूराम देवांगन आदि

कपालिक शाखा – इस शाखा में आराम से पालथी मोड़कर बैठे के पण्डवानी प्रस्तुत की जाती है। यह सिर्फ कथात्मक है। इस शाखा में गायक अभिनय नहीं करता। इस शैली के प्रसिद्द गायक ऋतू वर्मा है।

सुआ गीत सुआ गीत खासकर दिवाली के समय गया जाता है। यह महिलाओं का लोकप्रिय गीत है। दीवाली के समय महिलाये 5-6 लोगो का ग्रुप बनाकरअपने गांव या आस पास के गांव के घरो में जाकर यह सुआ गीत नृत्य के साथ गाया जाता है।

पंथी गीत पंथी गीत छत्तीसगढ़ के सतनामी समाज के लोगो के द्वारा गाया जाता। पंथी गीत गुरु घासीदास के जीवन चरित्र पर आधारित है। गुरु घासीदास जी के जयंती के समय विशेष रूप से पंथी गीत गाया और किया जाता है।

ददरिया – ददरिया को छत्तीसगढ़ी लोकगीतों का राजा कहा जाता है। यह गीत विशेष रूप से फसल लगाने के समय गाया जाता है।

चंदैनी गायन चंदैनी गायन लोरिक और चंदा के प्रेम प्रसंग पर आधारित लोकगीत है।

भरथरी गीत भरथरी गीत राजा भरथरी और रानी पिंगला के वियोग पर आधारित है। इस लोकगीत के प्रमुख वाद्य यन्त्र सारंगी या इकतारा है।

बांस गीत – बांस गीत प्रमुख रूप से राउत जाती के लोगो के द्वारा गाया जाने वाला गीत है। बांस से बानी वाद्य यंत्र के साथ यह गीत गाया जाता है।

फ़ाग गीत होली त्यौहार के समय पर फ़ाग गीत गाया जाता है।

सवनाही गीत – वर्षा ऋतू के समय गाया जाने वाला गीत।

भड़ौनी गीत विवाह के समय गए जाने वाला गीत। जो की दूल्हे का उपहास करते हुए उनकी सालिया गाती है।

सेवा गीत नवरात्री के समय माँ दुर्गा की पूजा के लिए सेवा गीत गाया जाता है।

जावरा गीत चैत्र नवरात्री में जावरा निकलने के समय गाया जाने वाला गीत।

लोरी गीत अपने बच्चो को सुलाने के लिए गाया जाने वाला गीत।

सोहर गीतपुत्र प्राप्ति के लिए गाया जाने वाला गीत।

सधौरी गीत गर्भवती महिला के गर्भ के सातवे महीने में उत्सव के आयोजन के समां गाने वाला गीत।

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